ग़ाफ़िलतोनहींहैंहमउलफ़तकीहक़ीक़तसे
दिलहारचुकाहैअबइसदौर-ए-मुहब्बतसे
पत्थरकाहैदिलउसकामालूमहमेंभीहै
अपनावोनहींहोगाकोईभीनज़ाकतसे
एहसानज़राकरदोहमपरभीदग़ाबाज़ों
फिरसेनसितमढ़ाओतुमअपनीशराफ़तसे
हमइतनीबुलंदीसेबढ़तेहैंबहुतआगे
दुश्मनभीहमारेसबहैरानहैंशोहरतसे
कुछलोगजफ़ाकरकेवापसभीनहींआते
तुमबचकेरहो'दानिश'चाहतकीसियासतसे