उसकोमैंजबभीपढ़ताहूँआयातकीतरह
आँखोंसेअश्कगिरतेहैंबरसातकीतरह
तब्दीलहोनपाईमेरीरातजश्नमें
गुज़रीहैमेरीरातसभीरातकीतरह
उसकेलिएमैंरहताहूँहरवक़्तमुंतज़िर
मोहलतमुझेवोदेताहैख़ैरातकीतरह
बंगालकीतरहमैंसमझतारहाउसे
अफ़सोसदिलजलादियागुजरातकीतरह
'दानिश'यूँँतेरेशहरमेंख़ुशियाँहैंइसलिए
मय्यतमेरीनिकलरहीबारातकीतरह