hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Danish Naqvi
sab log kahaanii men hi mashroof rahe the
sab log kahaanii men hi mashroof rahe the | सब लोग कहानी में ही मशरूफ़ रहे थे
- Danish Naqvi
सब
लोग
कहानी
में
ही
मशरूफ़
रहे
थे
दरअस्ल
अदाकार
हक़ीक़त
में
मरे
थे
जाते
हुए
कमरे
की
किसी
चीज़
को
छू
दे
मैं
याद
करूँँगा
कि
तेरे
हाथ
लगे
थे
आँखें
भी
तेरी
फतह
न
कर
पाए
अभी
तक
किस
लम्हा
ए
बेकार
में
हम
लोग
बने
थे
मैंने
तो
कहा
था
निकल
जाते
है
दोनों
उस
वक़्त
कहानी
में
सभी
लोग
नए
थे
- Danish Naqvi
Download Ghazal Image
तेरी
यादों
की
धूप
आने
लगी
है
अभी
खुल
जाएगा
मौसम
हमारा
Subhan Asad
Send
Download Image
35 Likes
अपनी
तन्हाई
मिरे
नाम
पे
आबाद
करे
कौन
होगा
जो
मुझे
उस
की
तरह
याद
करे
Parveen Shakir
Send
Download Image
40 Likes
इतना
तो
याद
है
इक
वा'दा
किया
था
लेकिन
हम
ने
क्या
वा'दा
किया
था
हमें
ये
याद
नहीं
Bismil Dehlavi
Send
Download Image
28 Likes
जिस
रात
ख़ुद-कुशी
के
मुझे
आए
थे
ख़याल
उस
रात
मैंने
शे'र
कहे
और
सो
गया
Tanoj Dadhich
Send
Download Image
17 Likes
तो
क्या
ऐसे
ही
रोना
आ
गया
था
नहीं
वो
याद
लहजा
आ
गया
था
Shadab Javed
Send
Download Image
50 Likes
दरमियाँ
हैं
फ़ासले
ये
जानते
हैं
हम
मगर
रात
भर
फिर
भी
हमें
वो
याद
आती
है
बहुत
Amaan Pathan
Send
Download Image
3 Likes
इस
रास्ते
में
जब
कोई
साया
न
पाएगा
ये
आख़िरी
दरख़्त
बहुत
याद
आएगा
Azhar Inayati
Send
Download Image
28 Likes
तुम
से
छुट
कर
भी
तुम्हें
भूलना
आसान
न
था
तुम
को
ही
याद
किया
तुम
को
भुलाने
के
लिए
Nida Fazli
Send
Download Image
39 Likes
तेरी
अंँगड़ाई
के
आलम
का
ख़याल
आया
जब
ज़ेहन-ए-वीरांँ
में
खनकने
लगे
कंगन
कितने
Shashank Shekhar Pathak
Send
Download Image
1 Like
जहाँ
पंखा
चल
रहा
है
वहीं
रस्सी
भी
पड़ी
है
मुझे
फिर
ख़याल
आया,
अभी
ज़िन्दगी
पड़ी
है
Zubair Ali Tabish
Send
Download Image
71 Likes
Read More
जितना
पुख़्ता
भी
हो
दिल
जिस्म
से
बाहर
रखना
ताकि
टूटे
भी
तो
फिर
सीने
में
मलबा
न
बने
Danish Naqvi
Send
Download Image
0 Likes
देखो
मुझे
अब
मेरी
जगह
से
न
हिलाना
फिर
तुम
मुझे
तरतीब
से
रख
कर
नहीं
जाते
Danish Naqvi
Send
Download Image
32 Likes
सो
तुम
मुझे
हैरत-ज़दा
आँखों
से
न
देखो
कुछ
लोग
सँभल
जाते
हैं
सब
मर
नहीं
जाते
Danish Naqvi
Send
Download Image
37 Likes
तो
देख
लेना
हमारे
बच्चों
के
बाल
जल्दी
सफ़ेद
होंगे
हमारी
छोड़ी
हुई
उदासी
से
सात
नस्लें
उदास
होंगी
Danish Naqvi
Send
Download Image
57 Likes
माहौल
मुनासिब
हो
तो
ऊपर
नहीं
जाते
हम
ताज़ा
घुटन
छोड़
के
छत
पर
नहीं
जाते
देखो
मुझे
अब
मेरी
जगह
से
न
हिलाना
फिर
तुम
मुझे
तरतीब
से
रख
कर
नहीं
जाते
बदनाम
हैं
सदियों
से
ही
काँटों
की
वजह
से
आदत
से
मगर
आज
भी
कीकर
नहीं
जाते
जिस
दिन
से
शिकारी
ने
अदा
की
कोई
मन्नत
दरबार
पे
उस
दिन
से
कबूतर
नहीं
जाते
सो
तुम
मुझे
हैरत-ज़दा
आँखों
से
न
देखो
कुछ
लोग
सँभल
जाते
हैं
सब
मर
नहीं
जाते
Read Full
Danish Naqvi
Download Image
9 Likes
Read More
Bahadur Shah Zafar
Vishal Bagh
Sarvat Husain
Shahzad Ahmad
Hafeez Banarasi
Unknown
Krishna Bihari Noor
Khalid Nadeem Shani
Shahid Zaki
Abbas Tabish
Get Shayari on your Whatsapp
Hunar Shayari
Ghayal Shayari
Aansoo Shayari
haseen Shayari
Friendship Shayari