sheeshe se ziyaada naazuk tha ye sheesha-e-dil jo toot gaya | शीशे से ज़ियादा नाज़ुक था ये शीशा-ए-दिल जो टूट गया

  - Danish Farahi
शीशेसेज़ियादानाज़ुकथायेशीशा-ए-दिलजोटूटगया
मतपूछोकिमुझपरक्यागुज़रीजबहाथसेसाग़रछूटगया
तारीकी-ए-महफ़िलकाशिकवातुमकरतेहोदीवानोक्यूँँ
ख़ुदशम्अ'बुझादीहैतुमनेख़ुद-बख़्ततुम्हाराफूटगया
साक़ीकीनज़रउठतीहीनहींक्यूँँबादा-ओ-साग़रकीजानिब
सरमाया-ए-मय-ख़ानाकरक्याकोईलुटेरालूटगया
महरूमी-ए-क़िस्मतकाआलमक्यापूछरहेहोतुममुझसे
मंज़िलतोअभीहैदूरबहुतऔरइकइकसाथीछूटगया
उठताहै'दानिश'दिलसेधुआँआँखोंसेटपकतेहैंआँसू
क्याआतिश-ए-ग़मदेनेलगीलौक्यादिलकाफफूलाफूटगया
  - Danish Farahi
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy