vo bas rassaa-kashi thii | वो बस रस्सा-कशी थी

  - Dakhlan Bhopali
वोबसरस्सा-कशीथी
मोहब्बतथकचुकीथी
दोकश्तीमेंनदीथी
ज़मींवीरानसीथी
अचानकक्याघटाथा
मुझेहैरानगीथी
नज़रभरउसनेदेखा
मैंसमझापारखीथी
कियासोनेकोमिट्टी
ग़ज़बकूज़ा-गरीथी
बचाताकौनहमको
जबींपरशललिखीथी
हमेंजिसनेडुबोया
हमारीसादगीथी
मसाफ़तख़त्मथीपर
थकनज़िंदाखड़ीथी
हवाज़हरीलीथीपर
बदनमेंचलरहीथी
जिसेसमझेथेजीना
फ़क़तवोख़ुद-कुशीथी
मैंबसथानीम-बिस्मिल
मोहब्बतमरचुकीथी
  - Dakhlan Bhopali
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy