jism-o-jaan par kisi jogi ka main saaya dekhooñ | जिस्म-ओ-जाँ पर किसी जोगी का मैं साया देखूँ इश्क़ की ताल पे जोगन का थिरकना देखूँ

  - Chitra Bhardwaj suman
जिस्म-ओ-जाँपरकिसीजोगीकामैंसायादेखूँइश्क़कीतालपेजोगनकाथिरकनादेखूँ
अपनेचेहरेपेतेरीआँखोंकापहरादेखूँ
प्यासदरियाकासमुंदरमेंसमानादेखूँ
क़तराक़तराजोनशाइश्क़काउतरामुझमें
रफ़्तारफ़्तातिरीसाँसोंमेंउतरतादेखूँ
पहलेमिस्रामेंतुझेबाँधलियाहैमैंने
दूसरेमिस्रामेंअबख़ुदकाबसेरादेखूँ
अब्रबनबरसेमेरेखेतसेगुज़राहैअभी
मौसम-ए-आबमेंफ़स्लोंकोझुलसतादेखूँ
चश्मकीझीलमेंवोअक्सउतरजाएफिर
शबतोआधीहोमगरचाँदकोपूरादेखूँ
आरज़ूमेंतिरीबलखाएचलीजाऊँ'सुमन'
जबकिसीबेलकोमैंपेड़सेलिपटादेखूँ
  - Chitra Bhardwaj suman
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