कभीतोइल्महोमुझकोकभीतोजीइजाज़तहो
कभीतोनामलूँउसकातभीतोजीमुहब्बतहो
कभीतोहाथमैंपकड़ूँकभीतोवोभीशरमाए
कभीतोहाथवोपकड़ेतभीतोजीशरारतहो
मुसलसलनामहीलेताहूँमैंतोउसकारातोंमें
कभीतोख़ुदभीवोसोचेतभीतोउसकीआदतहो
मुक़द्दरमेंभलारबनेउसेलिखकेमिटायाहै
मगरजीइश्क़ऐसाहैसदाउसकीहिफ़ाज़तहो
कभीजबचूमताहूँमैंबदनउसकाजोचाहतसे
तभीग़ुस्सेमेंकहतीहैकीकुछभीहोनज़ाकतहो