kabhi to ilm ho mujhko kabhi to jee ijaazat ho | कभी तो इल्म हो मुझको कभी तो जी इजाज़त हो

  - ChiragIshq
कभीतोइल्महोमुझकोकभीतोजीइजाज़तहो
कभीतोनामलूँउसकातभीतोजीमुहब्बतहो
कभीतोहाथमैंपकड़ूँकभीतोवोभीशरमाए
कभीतोहाथवोपकड़ेतभीतोजीशरारतहो
मुसलसलनामहीलेताहूँमैंतोउसकारातोंमें
कभीतोख़ुदभीवोसोचेतभीतोउसकीआदतहो
मुक़द्दरमेंभलारबनेउसेलिखकेमिटायाहै
मगरजीइश्क़ऐसाहैसदाउसकीहिफ़ाज़तहो
कभीजबचूमताहूँमैंबदनउसकाजोचाहतसे
तभीग़ुस्सेमेंकहतीहैकीकुछभीहोनज़ाकतहो
  - ChiragIshq
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