greeshma ki sookhi nadi ka tat hooñ main | ग्रीष्म की सूखी नदी का तट हूँ मैं

  - Parshuram Chauhan
ग्रीष्मकीसूखीनदीकातटहूँमैं
अबतलकप्यासारहापनघटहूँमैंँ
एकपलआँखेंजरातुममुंदलो
दूरसेआतीहुईआहटहूँमैं
इनमुखौटोंकोउतारूंँगाअभी
तुमनेपहचानानहींवोनटहूँमैं
देखताहूँमैंसमयकीधारको
मौनमेंठहरानदीकापटहूँमैं
येधुआँयेधुंदहैलपटेवही
ख़ाकपरबैठाहुआमड़घटहूँमैं
  - Parshuram Chauhan
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy