ओमकाझंडाफ़ज़ाओंमेंउड़ाताआया
उसेतहज़ीबकासरताजबनाताआया
जिससेहरक़ौमकीतक़दीरबनाकरतीहै
हमेंअख़्लाक़कावोदर्ससिखाताआया
आत्मासाफ़हुआकरतीहैजिनजज़्बोंसे
मशअ'ल-ए-राहउन्हींजज़्बोंकोबनाताआया
हमदयानंदकोकहतेहैंपयम्बरलेकिन
ख़ुदकोवोक़ौमकासेवकहीबताताआया
आर्य-वर्तकारौशन-तरींमीनारथावो
रौशनीसारेज़मानेकोदिखाताआया
क़ौमकोशुद्धिकीता'लीमकाउनवाँदेकर
क़ौमकोग़ैरकेपंजेसेछुड़ाताआया
भाई-चारेसेमोहब्बतसेरवादारीसे
क़ौमकोजीनेकाअंदाज़सिखाताआया
अपनीतहज़ीबजिसेलोगभुलाबैठेथे
वेद-मंतरसेवहीयाददिलाताआया
शास्त्रऔरवेदकेमंतरकाउचारनकरके
अहद-ए-माज़ीकाइकआईनादिखाताआया
घोरअंधकारथाअज्ञानकाजारीहर-सू
ज्ञानअज्ञानकेअंतरकोमिटाताआया
कुफ्र-ओ-बातिलकेउड़ेहाथोंकेतोतेऐ'चर्ख़'
हक़-परस्तीकावोयूँँडंकाबजाताआया