qaraar kho ke chale be-qaraar ho ke chale | क़रार खो के चले बे-क़रार हो के चले

  - Charkh Chinioti
क़रारखोकेचलेबे-क़रारहोकेचले
अदाअदापेतिरीहमनिसारहोकेचले
रह-ए-वफ़ामेंरक़ाबतकेमोड़भीहैंबहुत
येदिलसेकहदोज़राहोशियारहोकेचले
किसीकेकहनेपेतूफ़ाँमेंडालदीकश्ती
ख़ुदाकरेकिहवासाज़गारहोकेचले
हमेंतोनाज़हैअपनेहसींगुनाहोंपर
वोलोगऔरथेजोशर्मसारहोकेचले
तुम्हारीअम्बरींज़ुल्फ़ोंकोछूकेआईहै
हवाकीमौजक्यूँँमुश्क-बारहोकेचले
वोजीते-जीतोआएमिज़ाज-पुर्सीको
जनाज़ादेखातोसाथअश्क-बारहोकेचले
नज़रनेमिलकेनज़रसेमिलादियाहमको
येरब्त-ए-बाहमीअबउस्तुवारहोकेचले
वोअर्ज़-ए-वस्लपेख़ामोशहोकेबैठगए
आरहोकेचलेवोपारहोकेचले
अज़लसे'चर्ख़'-ए-तबीअ'तशगुफ़्ताहैअपनी
जोमिलनेआएवोबाग़-ओ-बहारहोकेचले
  - Charkh Chinioti
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