umooman ham akelaa baithe hain | उमूमन हम अकेले बैठते हैं

  - Charagh Sharma
उमूमनहमअकेलेबैठतेहैं
वोबैठाहैतोचलिएबैठतेहैं
मिरीआँखोंमेंगुंजाइशतोकमहै
परउसकेख़्वाबपूरेबैठतेहैं
उठींनज़रेंतोनज़रोंसेगिरेंगे
यहाँनज़रोंपेपहरेबैठतेहैं
अदबकाफ़र्शहैयेइसपेबच्चे
बुज़ुर्गोंकेसहारेबैठतेहैं
वोख़ुदमरकज़मेंथोड़ीबैठताहै
सबउसकेआगेपीछेबैठतेहैं
उदासीसेभरोसाउठरहाहै
चलो'नासिर'कोपढ़नेबैठतेहैं
  - Charagh Sharma
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