jab tamaashe ka na ho chhod ke aane ka malaal | जब तमाशे का न हो छोड़ के आने का मलाल

  - Charagh Barelvi
जबतमाशेकाहोछोड़केआनेकामलाल
क्यूँहोफिरखेलकेआदाबनिभानेकामलाल
ऐसीतन्हाईकीलतहैइसेबसक्याकहिए
घरकोहोताहैमिरेलौटकेआनेकामलाल
कैसामायूसथावोदौर-ए-ख़िज़ाँभीमतपूछ
थाउसेशाख़सेपत्तोंकोगिरानेकामलाल
पहलेतोउसकोभुलानेमेंकईसाललगे
अबकईसालसेहैउसकोभुलानेकामलाल
तेरीदुनियाकीतरफ़थीमिरेदिलकीमंज़िल
दिलकोअबतकहैउसीगुज़रेज़मानेकामलाल
  - Charagh Barelvi
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