आजफिरदर्दउठादिलकेनिहाँख़ानेमें
आजफिरलोगसतानेकोचलेआएँगे
आजफिरकर्बकेशो'लोंकोहवादूँगामैं
औरकुछलोगबुझानेकोचलेआएँगे
आगसेआगबुझीहैनबुझेगीलेकिन
दर्दकोआगकेदरियामेंउतरनाहोगा
आगऔरदर्दकेमेआ'रपरखनेकेलिए
इनअँधेरोंकीफ़सीलोंसेगुज़रनाहोगा
मैंअँधेरोंकीरिफ़ाक़तसेनहींहूँबेज़ार
शाम-ए-तन्हाईअँधेराभीभलालगताहै
हैफ़सदहैफ़किमुंकिरथाज़मानाजिसका
आजवोजुर्ममकानोंमेंहुआलगताहै
लाखकमरेकोटटोलाभीमगरकुछनमिला
फ़र्शपरख़ूनकीदो-चारलकीरोंकेसिवा
जंगऔरज़ुल्मकेअसरारनिहाँऐज़िंदाँ
जानपाएगाभलाकौनअसीरोंकेसिवा
दर्ददिलहैकिभटकतीहुईरूहोंकाजलाल
क़त्लहोकरभीधड़कताहैजोवीरानोंमें
मैंसुलगताहीरहाऔरवोअंदाज़-ए-जुनूँ
छुपगयाआगलगाकरमिरेअरमानोंमें