sard sannaaton ki sab sargoshiyaan le jaaunga | सर्द सन्नाटों की सब सरगोशियाँ ले जाऊँगा

  - Chandrabhan Khayal
सर्दसन्नाटोंकीसबसरगोशियाँलेजाऊँगा
मैंजहाँभीजाऊँगादिलकीज़बाँलेजाऊँगा
शहरछोड़ूँगातोरोएँगीमिलोंकीचिमनियाँ
देखनाइकरोज़मैंसाराधुआँलेजाऊँगा
वोजहाँचाहेचलाजाएयेउसकाइख़्तियार
सोचनायेहैकिमैंख़ुदकोकहाँलेजाऊँगा
सत्ह-ए-दरियारक़्समेंहैआजमुझकोदेखकर
आजमैंउसपारअपनाकारवाँलेजाऊँगा
वोअगरदो-चारक़तरोंसेनवाज़ेगातोक्या
एकइकक़तरेमेंबहर-ए-बे-कराँलेजाऊँगा
मंज़रोंकोक्याख़बरहोगीकिउनकेवास्ते
क़ुर्बतेंतक़्सीमकरकेदूरियाँलेजाऊँगा
जिनअँधेरोंसेतुम्हेंहर-वक़्तवहशतहैख़याल
उनअँधेरोंतकतुम्हारीदास्ताँलेजाऊँगा
  - Chandrabhan Khayal
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