नईपोशाकपहनेहैपुरानेख़्वाबकीहसरत
मैंहँसकरटालदेतीहूँदिल-ए-बेताबकीहसरत
मोहब्बतऔरक्याहैइकसराब-ए-तिश्नगीतोहै
वहीसहराकीचम-चममेंचमकतेआबकीहसरत
नयाकिरदारगढ़करमैंकहानीहीबदलदेती
मगरपूरीनहोपाईनएइकबाबकीहसरत
तुम्हारीयादकागहरातअ'ल्लुक़आँसुओंसेहै
मिरीपलकोंकोक्याहोगीकिसीसैलाबकीहसरत
बसइतनासोचकरइसओरकश्तीमोड़दीमैंने
निकलजाएनक्यूँकरइसदफ़ागिर्दाबकीहसरत
ज़मींपेथककेगिरजाऊँतोशायदनींदआजाए
किइनआँखोंकोहैइकउम्रसेइकख़्वाबकीहसरत