nayi poshaak pahne hai purane KHvaab ki hasrat | नई पोशाक पहने है पुराने ख़्वाब की हसरत

  - Chandni Pandey
नईपोशाकपहनेहैपुरानेख़्वाबकीहसरत
मैंहँसकरटालदेतीहूँदिल-ए-बेताबकीहसरत
मोहब्बतऔरक्याहैइकसराब-ए-तिश्नगीतोहै
वहीसहराकीचम-चममेंचमकतेआबकीहसरत
नयाकिरदारगढ़करमैंकहानीहीबदलदेती
मगरपूरीहोपाईनएइकबाबकीहसरत
तुम्हारीयादकागहरातअ'ल्लुक़आँसुओंसेहै
मिरीपलकोंकोक्याहोगीकिसीसैलाबकीहसरत
बसइतनासोचकरइसओरकश्तीमोड़दीमैंने
निकलजाएक्यूँकरइसदफ़ागिर्दाबकीहसरत
ज़मींपेथककेगिरजाऊँतोशायदनींदजाए
किइनआँखोंकोहैइकउम्रसेइकख़्वाबकीहसरत
  - Chandni Pandey
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