jale charaaghh bujhaane ki zid nahin karte | जले चराग़ बुझाने की ज़िद नहीं करते

  - Chandni Pandey
जलेचराग़बुझानेकीज़िदनहींकरते
अबगएहोतोजानेकीज़िदनहींकरते
किसीकीआँखमेंआँसूहमेंपसंदनहीं
दिलोंकेज़ख़्मदिखानेकीज़िदनहींकरते
तुम्हारेनामकाभीज़िक्रहोजाएकहीं
ग़ज़लकेशे'रसुनानेकीज़िदनहींकरते
हमारेसाएभीरस्तेमेंछोड़जातेहै
हमारासाथनिभानेकीज़िदनहींकरते
ख़लामेंकोईइमारतकभीनहींटिकती
वहाँमकानबनानेकीज़िदनहींकरते
येशहर-ए-संगहैपत्थरकेलोगरहतेहैं
यहाँपेफ़ूलखिलानेकीज़िदनहींकरते
ज़मीनजैसाकहींचाँदभीहोजाए
ज़मींपेचाँदकोलानेकीज़िदनहींकरते
  - Chandni Pandey
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