मुझपेमिज़राबतोहैसाज़कहाँसेलाऊँ
दिलमेंघरकरनेकेअंदाज़कहाँसेलाऊँ
मेरेगीतोंमेंभीपुर-कैफ़कशिशहैलेकिन
होअसरजिसमेंवोआवाज़कहाँसेलाऊँ
मेरीहरबातबतादेतीहैंमेरीआँखें
जोरहेदिलमेंहीवोराज़कहाँसेलाऊँ
इंतिहाहैतोकोईइब्तिदालाज़िमहोगी
अपनेअंजामकाआग़ाज़कहाँसेलाऊँ
मेरेसीनेमेंभीउड़नेकीललकहैलेकिन
तोड़देपिंजरावोपर्वाज़कहाँसेलाऊँ