jo dil par bojh hai yaarab zaraa bhi kam nahin hota | जो दिल पर बोझ है यारब ज़रा भी कम नहीं होता

  - Chaman Bhatnagar
जोदिलपरबोझहैयारबज़राभीकमनहींहोता
ज़मानाग़मतोदेताहैशरीक-ए-ग़मनहींहोता
ख़ज़ानाइल्मकाहैला-ज़वालऐसाज़मानेमें
जिसेबाँटोतोबढ़ताहैहरगिज़कमनहींहोता
हमारासरबनाहैदोस्तोइकख़ासमिट्टीसे
किसीज़ालिमकीचौखटपरकभीयेख़मनहींहोता
ज़हे-क़िस्मतख़ुदानेज़ब्तकीताक़तमुझेदीहै
हक़ीक़तमेंमिराअश्कोंसेदामननमनहींहोता
हज़ारोंआफ़तेंहमनेसहींमहबूबकीख़ातिर
मगरईसारकाजज़्बाज़राभीकमनहींहोता
पहुँचसकतानहींवोअपनीमंज़िलपेकिसीसूरत
वोबद-क़िस्मतमुसाफ़िरजिसमेंकुछदम-ख़मनहींहोता
ज़रासीबातपरआमादाहोजाएजोलड़नेपर
पुजारीवोअहिंसाकाचमनगौतमनहींहोता
  - Chaman Bhatnagar
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