hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Brajnabh Pandey
mujhko bhaati hai udaasi
mujhko bhaati hai udaasi | मुझको भाती है उदासी
- Brajnabh Pandey
मुझको
भाती
है
उदासी
मत
हँसाओ
रहने
भी
दो
- Brajnabh Pandey
Download Sher Image
मैं
वो
नाकाम
मुसव्विर
हूँ
जो
ख़ुद
के
हाथों
एक
उदासी
के
सिवा
कुछ
न
बना
पाया
है
Ashutosh Vdyarthi
Send
Download Image
11 Likes
कुछ
तबीयत
में
उदासी
भी
हुआ
करती
है
हर
कोई
इश्क़
का
मारा
हो,
ज़रूरी
तो
नहीं
Jaani Lakhnavi
Send
Download Image
60 Likes
अज़ल
से
ले
कर
के
आज
तक
मैं
कभी
भी
तन्हा
नहीं
रहा
हूँ
कभी
थे
तुम
तो,
कभी
थी
दुनिया,
कभी
ये
ग़ज़लें,
कभी
उदासी
Ankit Maurya
Send
Download Image
41 Likes
तो
देख
लेना
हमारे
बच्चों
के
बाल
जल्दी
सफ़ेद
होंगे
हमारी
छोड़ी
हुई
उदासी
से
सात
नस्लें
उदास
होंगी
Danish Naqvi
Send
Download Image
57 Likes
ख़ाली
पड़ा
है
और
उदासी
भरा
है
दिल
सो
लोग
इस
मकान
से
आगे
निकल
गए
Ankit Maurya
Send
Download Image
51 Likes
मैं
जंगलों
की
तरफ़
चल
पड़ा
हूँ
छोड़
के
घर
ये
क्या
कि
घर
की
उदासी
भी
साथ
हो
गई
है
Tehzeeb Hafi
Send
Download Image
54 Likes
कहा
जो
कृष्ण
ने
गीता
में
रक्खेगा
अगर
तू
याद
भले
जितना
घना
जंगल
हो
पर
तू
खो
नहीं
सकता
Amaan Pathan
Send
Download Image
12 Likes
कोई
हादसा
लेकर
आदमी
किधर
जाए
आदमी
अगर
कह
दे
हादसा
उदासी
है
Rohit tewatia 'Ishq'
Send
Download Image
6 Likes
सभी
के
साथ
दिखना
भी
मगर
सब
सेे
जुदा
रहना
भी
है
उसको
उदासी
साथ
भी
रखनी
है
और
तस्वीर
में
हँसना
भी
है
उसको
Kafeel Rana
Send
Download Image
61 Likes
उदासी
चल
कहीं
चलते
हैं
दोनों
पिएँगे
चाय
और
बातें
करेंगे
Gaurav Singh
Send
Download Image
7 Likes
Read More
आग
घर
में
लग
रखी
है
लोग
मरते
जा
रहें
हैं
इस
हुकूमत
को
नहीं
फ़ुर्सत
किसी
के
वास्ते
भी
Brajnabh Pandey
Send
Download Image
3 Likes
ये
जो
आए
हैं
हैं
सखी
के
बाद
और
सखी
आई
है
सभी
के
बाद
तुम
सभी
फूल
ख़ूब-सूरत
हो
हाँ
मगर
मेरी
उस
कली
के
बाद
अब
सभी
के
ज़बाँ
पे
है
मिरा
नाम
मैं
जो
आता
था
आख़िरी
के
बाद
सब
समझता
हूँ
आदतें
तेरी
तू
जो
आता
है
तीरगी
के
बाद
तेरे
ही
संग
मुझको
जीना
है
पर
मिरी
जान
नौकरी
के
बाद
मैं
बहुत
चाहता
हूँ
तुझको
दोस्त
बस
ये
इक
मेरी
शा'इरी
के
बाद
क्या
बताऊँ
कि
हूँ
मैं
कितना
उदास
दोस्त
वो
तेरी
बे-रुख़ी
के
बाद
घर
में
अब
कोई
ग़म
नहीं
किसी
को
दोस्त
बस
मेरी
ख़ुद-कुशी
के
बाद
Read Full
Brajnabh Pandey
Download Image
2 Likes
जान
दी
थी
जिसने
रानी
के
लिए
रोए
थे
सब
उस
सिपाही
के
लिए
रात
का
वो
हादसा
काफ़ी
है
दोस्त
उम्र
भर
की
इस
उदासी
के
लिए
यूँँ
नहीं
मानेगी
वो
ऐ
दोस्त
सुन
जान
देनी
होगी
शादी
के
लिए
तोड़ना
सारे
के
सारे
सपनों
को
मस्खरी
सा
है
ग़रीबी
के
लिए
बे-वफ़ाई
भी
की
तो
आधी
ही
ख़ैर
कुछ
तो
छोड़ा
उस
दिवानी
के
लिए
यार
वो
बच्चा
भी
रोता
रह
गया
रात
भर
बस
इक
कहानी
के
लिए
ब्रज
पिता
की
उम्र
गुज़री
लोन
में
बस
तेरी
अच्छी
जवानी
के
लिए
Read Full
Brajnabh Pandey
Download Image
3 Likes
किया
था
तय
कि
ख़्वाबों
का
शहर
अपना
बनाएँगे
ख़बर
क्या
थी
कि
बस
इक
ख़्वाब
से
ही
टूट
जाएँगे
Brajnabh Pandey
Send
Download Image
3 Likes
ये
ख़बर
है
जान
कितनों
की
गई
है
तू
मोहब्बत
में
अभी
थोड़ी
नई
है
तू
नहीं
इकलौता
मेरे
प्यार
में
गुम
तुझ
से
पागल
और
भी
हैं
ये
कह
गई
है
मार
डालूँगी
जो
आए
लेट
इस
बार
ख़ुद
नहीं
आई
जो
धमकी
दे
गई
है
दूसरी
तो
कोई
भी
दिक़्क़त
नहीं
है
इक
परी
बस
मेरी
ख़ुशियाँ
खा
गई
है
मेरे
आँसू
तो
निकलते
ही
नहीं
अब
इक
महीने
से
वो
नैहर
क्या
गई
है
Read Full
Brajnabh Pandey
Download Image
4 Likes
Read More
Akbar Allahabadi
Krishna Bihari Noor
Shariq Kaifi
Mohammad Alvi
Anjum Rehbar
Abhishar Geeta Shukla
Ali Zaryoun
Zehra Nigaah
Amjad Islam Amjad
Asad Bhopali
Get Shayari on your Whatsapp
Khwab Shayari
Haalaat Shayari
Gareebi Shayari
Titliyan Shayari
Gunaah Shayari