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Brajnabh Pandey
hai mujhe tere badan ki chaah kuchh is tarah jaana
hai mujhe tere badan ki chaah kuchh is tarah jaana | है मुझे तेरे बदन की चाह कुछ इस तरह जाना
- Brajnabh Pandey
है
मुझे
तेरे
बदन
की
चाह
कुछ
इस
तरह
जाना
मौत
ही
को
चाहता
हो
इक
मरीज़
ए
इश्क़
जैसे
- Brajnabh Pandey
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इश्क़
को
पूछता
नहीं
कोई
हुस्न
का
एहतिराम
होता
है
Asrar Ul Haq Majaz
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बदन
के
दोनों
किनारों
से
जल
रहा
हूँ
मैं
कि
छू
रहा
हूँ
तुझे
और
पिघल
रहा
हूँ
मैं
Irfan Siddiqi
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मैंने
ख़्वाबों
में
भी
तेरे
जिस्म
की
ख़्वाहिश
न
रक्खी
गर
तुझे
यूँँ
प्यार
कोई
और
कर
पाए
तो
कहना
Harsh saxena
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इसीलिए
तो
हिफ़ाज़त
में
बैठा
रहता
हूँ
मेरे
बदन
में
कोई
नीम
जान
रहता
है
Nirmal Nadeem
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कभी
कभार
उसे
देख
लें
कहीं
मिल
लें
ये
कब
कहा
था
कि
वो
ख़ुश-बदन
हमारा
हो
Parveen Shakir
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वो
लोग
हम
ही
थे
मुहब्बत
में
जो
फिर
आगे
हुए
वो
लोग
हम
ही
थे
मियाँ
जो
दूर
भागे
जिस्म
से
Kartik tripathi
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जिस्म
चादर
सा
बिछ
गया
होगा
रूह
सिलवट
हटा
रही
होगी
Kumar Vishwas
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ख़ुद
हुस्न
से
न
पूछिए
ता'रीफ़
हुस्न
की
दीवाने
से
ये
पूछिए
दीवाना
क्यूँँ
हुआ
Ameer Imam
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दिसंबर
की
सर्दी
है
उसके
ही
जैसी
ज़रा
सा
जो
छू
ले
बदन
काँपता
है
Amit Sharma Meet
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ख़याल
कब
से
छुपा
के
ये
मन
में
रक्खा
है
मिरा
क़रार
तुम्हारे
बदन
में
रक्खा
है
Siraj Faisal Khan
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कहते
बहुत
थे
दुख
मेरी
क़िस्मत
नहीं
अब
वक़्त
जो
बदला
तो
क्यूँ
हिम्मत
नहीं
अब
रोज़
आते
है
उठा
के
अपना
मुँह
इन
आँसुओं
की
अब
कोइ
क़ीमत
नहीं
और
हमने
दुख
अपना
सुनाया
अपनों
को
पर
अपनों
में
अपनी
कोई
इज़्ज़त
नहीं
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Brajnabh Pandey
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दो
लड़कियों
से
दिल
लगा
बैठा
था
मैं
सो
चार
हिस्से
हो
गए
हैं
दिल
के
अब
Brajnabh Pandey
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उम्र
भर
यारों
मैं
जिसके
साथ
सोया
उसके
जाने
पर
मैं
ख़ाली
हाथ
सोया
यार
उसको
भूलने
के
वास्ते
मैं
जाने
कितनी
रातें
उसके
साथ
सोया
मेरा
दिल
तो
जानता
तक
था
न
उसको
अब
के
पहलू
में
जो
मेरे
साथ
सोया
और
मोहब्बत
होना
तो
लाज़िम
है
उसको
जो
भी
बस
इक
रात
उसके
साथ
सोया
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Brajnabh Pandey
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तू
ने
हमें
अपना
कहा
है
जान-ए
-जाँ
सच
कहता
हूँ
ये
बात
काफ़ी
है
निरंतर
मुस्कुराने
को
हमें
Brajnabh Pandey
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अपनी
तौहीन
कर
गई
लड़की
अपने
अंदर
ही
मर
गई
लड़की
एक
कमबख़्त
प्यार
के
ख़ातिर
सब
हदों
से
गुज़र
गई
लड़की
छोड़
कर
तू
चला
गया
उसको
कल
बहुत
लेट
घर
गई
लड़की
मैं
उसे
चूमता
था
आँखों
से
सो
मेरी
आँख
भर
गई
लड़की
सब
ने
बस
जिस्म
देखा
है
उसका
ज़िंदगी
भर
जिधर
गई
लड़की
कह
दिया
ग़ुस्से
में
तू
भाड़
में
जा
यार
जाने
किधर
गई
लड़की
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Brajnabh Pandey
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