vo aayi aur bas mirii khushiyaan kuchal gaii | वो आई और बस मिरी ख़ुशियाँ कुचल गई

  - Bhuwan Singh
वोआईऔरबसमिरीख़ुशियाँकुचलगई
शायदमैंख़ुशथाउसकोयहीबातखलगई
बसउसकेहोनेभरसेज़मानेमेंनूरथा
वोजोचलागयातोयेदुनियाबदलगई
इकरिश्तामुझसेेथातोमुझेफ़ासलेमिले
इकरिश्ताग़ैरसेथावोजिस
मेंफिसलगई
तुमइसकोमेराशौक़नहींज़िंदगीकहो
येशेर-ओ-शायरीमेंतो'उम्रेंनिकलगई
आशिक़ग़रीबथातोसमझजाओक्याहुआ
वोमरगयासड़कपेवोअपनेमहलगई
येइतनाकरकेभीतुझेविर्सेमेंक्यामिला
जबतूनेघरजलायावसीयतभीजलगई
शायदकिसीनेयादकियाहैतुझे'भुवन'
येहिचकियाँबतारहीहैबातचलगई
  - Bhuwan Singh
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy