vasl chahte the par hijr pa liya hamne | वस्ल चाहते थे पर हिज्र पा लिया हमने

  - Bhuwan Singh
वस्लचाहतेथेपरहिज्रपालियाहमने
ज़िंदगीमेंफिरअपनीग़मबढ़ालियाहमने
हमकोचोटलगतीहैजबगलेलगातेहैं
क्याकरेंकिपत्थरसेदिललगालियाहमने
सोचकरहीरक्खाथाहमनेइसज़मींपरपैर
यारख़ुदकोदलदलमेंफिरफॅंसालियाहमने
घरमेंरौशनीजोथीउसकाएकज़रियाथा
वोचराग़भीख़ुदसेबसबुझालियाहमने
कौनअबपड़ोसीहैकुछख़बरनहींहमको
शहर-ए-अजनबीमेंअबघरबनालियाहमने
एकरोज़बसकीथीऐसेजीनेकीकोशिश
फिरबग़ैरउसकेभीदिनबितालियाहमने
रातदिनबतातेथेख़ुदकीग़लतियाँसबको
परवहीकियासबनेतोमज़ालियाहमने
  - Bhuwan Singh
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