KHud ko gham se tire azaad rakha hai maine | ख़ुद को ग़म से तिरे आज़ाद रखा है मैंने

  - Bhuwan Singh
ख़ुदकोग़मसेतिरेआज़ादरखाहैमैंने
येभरमहैजोतिरेबादरखाहैमैंने
हिज्रकादूसराभीसालगुज़रनेलगाहै
यारहैरतहैवोदिनयादरखाहैमैंने
एकदिनतूनेहीकरनाहैशिकारइसदिलका
सोतिरानामहीसय्यादरखाहैमैंने
पहलेसेटूटेखिलौनेनहींतोड़ेगावो
ख़ुदकोबसइसलिएबर्बादरखाहैमैंने
उससेेबचनेकाहुनरसीखगयाहूॅंअबमैं
ख़ुदकोअबखेलकाउस्तादरखाहैमैंने
  - Bhuwan Singh
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