sheerin lehje surkh dehan ke maalik ho | शीरीं लहजे सुर्ख़ दहन के मालिक हो

  - Bharat Deep Mathur
शीरींलहजेसुर्ख़दहनकेमालिकहो
इसकारनतुममेरेमनकेमालिकहो
जिसनेसारेशहरमेंआगलगादीहै
सुनतेहैंतुमउसजोबनकेमालिकहो
माँकोउनकीसासनेयेपहनायाथा
औरअबसेतुमइसकंगनकेमालिकहो
तुमकोक्यामैंसाँपोंसेआगाहकरूँँ
तुमतोख़ुदहीचंदन-वनकेमालिकहो
मेरीदोनोंआँखेंआजसेउसकेनाम
जानेमनतुमजिसदर्पनकेमालिकहो
मैंतोबसकाग़ज़परक़लमचलाताहूँ
अस्लमेंतुमसबशे'रोसुख़नकेमालिकहो
दीपहमेंरौशनहोनेमेंलगताहै
वोईंधनतुमजिसईंधनकेमालिकहो
  - Bharat Deep Mathur
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy