andhera mitaa nahin hai mitaana padta hai | अँधेरा मिटता नहीं है मिटाना पड़ता है

  - Bharat Bhushan Pant
अँधेरामिटतानहींहैमिटानापड़ताहै
बुझेचराग़कोफिरसेजलानापड़ताहै
येऔरबातहैघबरारहाहैदिलवर्ना
ग़मोंकाबोझतोसबकोउठानापड़ताहै
कभीकभीतोइनअश्कोंकीआबरूकेलिए
चाहतेहुएभीमुस्कुरानापड़ताहै
अबअपनीबातकोकहनाबहुतहीमुश्किलहै
हरएकबातकोकितनाघुमानापड़ताहै
वगर्नागुफ़्तुगूकरतीनहींयेख़ामोशी
हरइकसदाकोहमेंचुपकरानापड़ताहै
अबअपनेपासतोहमख़ुदकोभीनहींमिलते
हमेंभीख़ुदसेबहुतदूरजानापड़ताहै
इकऐसावक़्तभीआताहैज़िंदगीमेंकभी
जबअपनेसाएसेपीछाछुड़ानापड़ताहै
बसएकझूटकभीआइनेसेबोलाथा
अबअपनेआपसेचेहराछुपानापड़ताहै
हमारेहालपेअबछोड़देहमेंदुनिया
येबारबारहमेंक्यूँँबतानापड़ताहै
  - Bharat Bhushan Pant
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