un ko but samjha tha ya un ko KHuda samjha tha main | उन को बुत समझा था या उन को ख़ुदा समझा था मैं

  - Behzad Lakhnavi
उनकोबुतसमझाथायाउनकोख़ुदासमझाथामैं
हाँबतादेजबीन-ए-शौक़क्यासमझाथामैं
अल्लाहअल्लाहक्याइनायतकरगईमिज़राब-ए-इश्क़
वर्नासाज़-ए-ज़िंदगीकोबे-सदासमझाथामैं
उनसेशिकवाक्यूँँकरूँँउनसेशिकायतक्याकरूँँ
ख़ुदबड़ीमुश्किलसेअपनामुद्दआसमझाथामैं
मेरीहालतदेखिएमेरातड़पनादेखिए
आपकोइससेग़रज़क्याहैकिक्यासमझाथामैं
खुलगयायेराज़उनआँखोंकेअश्क-ए-नाज़से
कैफ़ियात-ए-हुस्नकोग़मसेजुदासमझाथामैं
जबीन-ए-शौक़हाँतुझकोबड़ीज़हमतहुई
आजहरज़र्रेकोउनकानक़्श-ए-पासमझाथामैं
इकनज़रपरमुनहसिरथीज़ीस्तकीकुलकाएनात
हरनज़रकोजानजान-ए-मुद्दआसमझाथामैं
रहाहैक्यूँँकिसीकानामहोंटोंतकमिरे
दिल-ए-मुज़्तरतुझेसब्र-आज़मासमझाथामैं
आपतोहरहरक़दमपरहोरहेहैंजल्वा-गर
आपकोहद्द-ए-नज़रसेमावरासमझाथामैं
येफ़ुग़ाँयेशोरयेनालेयेशेवनथेफ़ुज़ूल
क्याबतातीथीमोहब्बतऔरक्यासमझाथामैं
उसनिगाह-ए-नाज़ने'बहज़ाद'मुझकोखोदिया
जिसनिगाह-ए-नाज़कोअपनीदवासमझाथामैं
  - Behzad Lakhnavi
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