soye kahaan the aankhoñ ne takie bhigoye the | सोए कहाँ थे आँखों ने तकिए भिगोए थे

  - Bashir Badr
सोएकहाँथेआँखोंनेतकिएभिगोएथे
हमभीकभीकिसीकेलिएख़ूबरोएथे
अँगनाईमेंखड़ेहुएबेरीकेपेड़से
वोलोगचलतेवक़्तगलेमिलकेरोएथे
हरसालज़र्दफूलोंकाइकक़ाफ़िलारुका
उसनेजहाँपेधूलअटेपाँवधोएथे
इसहादसेसेमेरातअ'ल्लुक़नहींकोई
मेलेमेंएकसाथकईबच्चेखोएथे
आँखोंकीकश्तियोंमेंसफ़रकररहेहैंवो
जिनदोस्तोंनेदिलकेसफ़ीनेडुबोएथे
कलरातमैंथामेरेअलावाकोईथा
शैतानमरगयाथाफ़रिश्तेभीसोएथे
  - Bashir Badr
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