shola-e-gul gulaab shola kya | शो'ला-ए-गुल गुलाब शो'ला क्या

  - Bashir Badr
शो'ला-ए-गुलगुलाबशो'लाक्या
आगऔरफूलकायेरिश्ताक्या
तुममिरीज़िंदगीहोयेसचहै
ज़िंदगीकामगरभरोसाक्या
कितनीसदियोंकीक़िस्मतोंकामैं
कोईसमझेबिसात-ए-लम्हाक्या
जोआदाब-ए-दुश्मनीजाने
दोस्तीकाउसेसलीक़ाक्या
कामकीपूछतेहोगरसाहब
आशिक़ीकेअलावापेशाक्या
बातमतलबकीसबसमझतेहैं
साहब-ए-नश्शाग़र्क़-ए-बादाक्या
दिल-दुखोंकोसभीसतातेहैं
शे'रक्यागीतक्याफ़सानाक्या
सबहैंकिरदारइककहानीके
वर्नाशैतानक्याफ़रिश्ताक्या
दिनहक़ीक़तकाएकजल्वाहै
रातभीहैउसीकापर्दाक्या
तूनेमुझसेकोईसवालकिया
कारवान-ए-हयात-ए-रफ़्ताक्या
जानकरहम'बशीर-बद्र'हुए
इसमेंतक़दीरकानविश्ताक्या
  - Bashir Badr
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