be-tahaasha si la-ubaali hañsi | बे-तहाशा सी ला-उबाली हँसी

  - Bashir Badr
बे-तहाशासीला-उबालीहँसी
छिनगईहमसेवोजियालीहँसी
लबखुलेजिस्ममुस्कुरानेलगा
फूलकाखिलनाथाकिडालीहँसी
मुस्कुराईख़ुदाकीमह्विय्यत
याहमारीहीबे-ख़यालीहँसी
कौनबे-दर्दछीनलेताहै
मेरेफूलोंकीभोली-भालीहँसी
वोनहींथावहाँतोकौनथाफिर
सब्ज़पत्तोंमेंकैसेलालीहँसी
धूपमेंखेतगुनगुनानेलगे
जबकोईगाँवकीजियालीहँसी
हँसपड़ीशामकीउदासफ़ज़ा
इसतरहचायकीप्यालीहँसी
मैंकहींजाऊँहैतआ'क़ुबमें
उसकीवोजानलेनेवालीहँसी
  - Bashir Badr
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