कुछआँसुओंकेदाग़भीहैंख़ुश्बुओंकेसाथ
सबकुछरखासँभालकेतेरेख़तोंकेसाथ
डूबाहूँतेरीयादकेसागरमेंजबकभी
उभरातिराख़यालनएपहलुओंकेसाथ
रस्म-ए-तकल्लुफ़ातनहमसेेनिबाहिए
ऐसीभीक्याअदाकिमिलोंदूरियोंकेसाथ
बदलाहैवक़्तख़ुदकोभीनासेहबदलज़रा
कबतकसुनेंगेतुझकोउन्हींमशवरोंकेसाथ
बेजानवोहीआजज़मींपरपड़ेहुए
नापेथेआसमानकईजिनपरोंकेसाथ
दीवारेंपत्थरोंकीहैंशीशेजड़ीहुई
शीशोंकीउम्रकटरहीहैपत्थरोंकेसाथ
बसदेखतेहीआपनेतोफेरलीनज़र
हमकबसेजीरहेहैंइन्हींमंज़रोंकेसाथ