diya hai qudrat ne ai sitam-gar tumhein ye kya la-jawaab chehra | दिया है क़ुदरत ने ऐ सितम-गर तुम्हें ये क्या ला-जवाब चेहरा

  - Dharmesh bashar
दियाहैक़ुदरतनेसितम-गरतुम्हेंयेक्याला-जवाबचेहरा
ज़मींपेहैरतबनाहुआहैतुम्हारायेमाहताबचेहरा
हमेंख़बरहैकिइनदिनोंहमकहींमिलेतोयहींमिलेंगे
तुम्हारीआँखोंमेंढूँढ़लेंगेहमअपनाख़ाना-ख़राबचेहरा
सुनाएँक्याहमयेजानतेहैंकिजीकाबाक़ीसुकूँलुटेगा
हमारेनग़्मोंपेरोपड़ेगातुम्हाराहँसतागुलाबचेहरा
ख़ुदउसकेचेहरेपेजानेकितनीहज़ारबातेंलिखीहुईहैं
औरइककहानीभीपढ़रहाहैमेरेसनमकाकिताबचेहरा
वोजिसनेअबरूकीजुंबिशोंसेअमलसभीकेरक़मकिएहैं
करमहमारेभीलिखहीदेगागुनाहचेहरासवाबचेहरा
'बशर'येआलममेंउसकोदेखेंतोदिलमेंक्याक्याख़यालआए
नशेकीमौजोंमेंजैसेझू
मेंकिसीकाबेख़ुदशराबचेहरा
  - Dharmesh bashar
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