phir fazaa men koi zahreela dhuaan bhar jaayega | फिर फ़ज़ा में कोई ज़हरीला धुआँ भर जाएगा

  - Balbir Rathi
फिरफ़ज़ामेंकोईज़हरीलाधुआँभरजाएगा
फिरकिसीदिनअपनेअंदरकुछकुछमरजाएगा
फैलताजाताहैयेजोहर-तरफ़इकशोरसा
एकसन्नाटाकिसीदहलीज़परधरजाएगा
यूँँरहातोसारेमंज़रबद-नुमाहोजाएँगे
इकभयानकरंगहरतस्वीरमेंभरजाएगा
कररहाहैअपनीबस्तीमेंजोख़ुशियोंकीतलाश
कोईतीखादर्दअपनेसाथलेकरजाएगा
यूँँअचानकभीहुआकरताहैकोईहादिसा
मुझकोक्यामा'लूमथावोइसतरहमरजाएगा
छागईनफ़रतकीगहरीधुँदइतनीदूरतक
प्यारकासूरजवहाँतककौनलेकरजाएगा
राह-रौअबतकखड़ेहैंराहमेंइसआसपर
कोईआएगाइधरऔरकुछकुछकरजाएगा
  - Balbir Rathi
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