nibaah baat ka us heelagar se kuchh na hua | निबाह बात का उस हीला-गर से कुछ न हुआ

  - Bahadur Shah Zafar
निबाहबातकाउसहीला-गरसेकुछहुआ
इधरसेक्याहुआपरउधरसेकुछहुआ
जवाब-ए-साफ़तोलाताअगरलाताख़त
लिखानसीबकाजोनामा-बरसेकुछहुआ
हमेशाफ़ित्नेहीबरपाकिएमिरेसरपर
हुआयेऔरतोउसफ़ित्ना-गरसेकुछहुआ
बलासेगिर्या-ए-शबतूहीकुछअसरकरता
अगरचेइश्क़मेंआह-ए-सहरसकुछहुआ
जलाजलाकेकियाशम्असाँतमाममुझे
बसऔरतोमुझेसोज़-ए-जिगरसेकुछहुआ
रहींअदूसेवहीगर्म-जोशियाँउसकी
इसआह-ए-सर्दऔरइसचश्म-ए-तरसेकुछहुआ
उठायाइश्क़मेंक्याक्यादर्द-ए-सरमैंने
हुसूलपरमुझेउसदर्द-ए-सरसेकुछहुआ
शब-ए-विसालमेंभीमेरीजानकोआराम
अज़ीज़ोदर्द-ए-जुदाईकेडरसेकुछहुआ
दूँगादिलउसेमैंयेहमेशाकहताथा
वोआजलेहीगयाऔर'ज़फ़र'सेकुछहुआ
  - Bahadur Shah Zafar
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