pahle to kabhi vaqt ye ham par nahin aaya | पहले तो कभी वक़्त ये हम पर नहीं आया

  - Badr Jameel
पहलेतोकभीवक़्तयेहमपरनहींआया
हमचलतेरहेचलतेरहेघरनहींआया
सूरजकीहैबे-ख़बरीकिमौसमकीशरारत
क्यूँसायामिरेक़दकेबराबरनहींआया
क्यालोगथेबस्तीमेंकिजलतीरहीबस्ती
औरघरसेनिकलकरकोईबाहरनहींआया
क्यूँवलवलेमहदूदहुएलफ़्ज़-ओ-बयाँतक
क्यूँदारतलककोईक़द-आवरनहींआया
इसबारभीक्यायूँँहीगुज़रजाएगासावन
इसबारभीतोपेड़पेपत्थरनहींआया
  - Badr Jameel
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