पहलेतोकभीवक़्तयेहमपरनहींआया
हमचलतेरहेचलतेरहेघरनहींआया
सूरजकीहैबे-ख़बरीकिमौसमकीशरारत
क्यूँसायामिरेक़दकेबराबरनहींआया
क्यालोगथेबस्तीमेंकिजलतीरहीबस्ती
औरघरसेनिकलकरकोईबाहरनहींआया
क्यूँवलवलेमहदूदहुएलफ़्ज़-ओ-बयाँतक
क्यूँदारतलककोईक़द-आवरनहींआया
इसबारभीक्यायूँँहीगुज़रजाएगासावन
इसबारभीतोपेड़पेपत्थरनहींआया