तुम्हारीयादकेदीपकभीअबजलानाक्या
जुदाहुएहैंतोअहद-ए-वफ़ानिभानाक्या
बसीतहोनेलगीशहर-ए-जाँपेतारीकी
खुलाहुआहैकहींपरशराब-ख़ानाक्या
खड़ेहुएहोमियाँगुम्बदोंकेसाएमें
सदाएँदेकेयहाँपरफ़रेबखानाक्या
हरएकसम्तयहाँवहशतोंकामस्कनहै
जुनूँकेवास्तेसहराओआशियानाक्या
वोचाँदऔरकिसीआसमाँपेरौशनहै
सियाहरातहैउसकीगलीमेंजानाक्या