dil ki gali men chaand nikalta rehta hai | दिल की गली में चाँद निकलता रहता है

  - Azhar Iqbal
दिलकीगलीमेंचाँदनिकलतारहताहै
एकदियाउम्मीदकाजलतारहताहै
जैसेजैसेयादोंकीलौबढ़तीहै
वैसेवैसेजिस्मपिघलतारहताहै
सरगोशीकोकानतरसतेरहतेहैं
सन्नाटाआवाज़मेंढलतारहताहै
मंज़रमंज़रजीलोजितनाजीपाओ
मौसमपलपलरंगबदलतारहताहै
राखहुईजातीहैसारीहरियाली
आँखोंमेंजंगलसाजलतारहताहै
तुमजोगएतोभूलगएसारीबातें
वैसेदिलमेंक्याक्याचलतारहताहै
  - Azhar Iqbal
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