hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Avtar Singh Jasser
kamii bas aapki jassar musalsal khal rahi hai
kamii bas aapki jassar musalsal khal rahi hai | कमी बस आपकी जस्सर मुसलसल खल रही है
- Avtar Singh Jasser
कमी
बस
आपकी
जस्सर
मुसलसल
खल
रही
है
वगरना
ज़िन्दगी
तो
अच्छी
ख़ासी
चल
रही
है
- Avtar Singh Jasser
Download Sher Image
मेरा
बटुआ
नहीं
होता
है
ख़ाली
तेरी
तस्वीर
की
बरकत
रही
माँ
Satya Prakash Soni
Send
Download Image
29 Likes
मुक़र्रर
दिन
नहीं
तो
लम्हा-ए-इमकान
में
आओ
अगर
तुम
मिल
नहीं
सकती
तो
मेरे
ध्यान
में
आओ
बला
की
ख़ूब-सूरत
लग
रही
हो
आज
तो
जानाँ
मुझे
इक
बात
कहनी
थी
तुम्हारे
कान
में..
आओ
Read Full
Darpan
Send
Download Image
44 Likes
मैं
तेरे
साथ
सितारों
से
गुज़र
सकता
हूँ
कितना
आसान
मोहब्बत
का
सफ़र
लगता
है
Bashir Badr
Send
Download Image
34 Likes
आज
भी
शायद
कोई
फूलों
का
तोहफ़ा
भेज
दे
तितलियाँ
मंडला
रही
हैं
काँच
के
गुल-दान
पर
Shakeb Jalali
Send
Download Image
21 Likes
उसे
पागल
बनाती
फिर
रही
हो
जिसे
शौहर
बनाना
चाहिए
था
Arvind Inaayat
Send
Download Image
58 Likes
अब
उसकी
शादी
का
क़िस्सा
न
छेड़ो
बस
इतना
कह
दो
कैसी
लग
रही
थी
Zubair Ali Tabish
Send
Download Image
138 Likes
किसी
को
घर
से
निकलते
ही
मिल
गई
मंज़िल
कोई
हमारी
तरह
उम्र
भर
सफ़र
में
रहा
Ahmad Faraz
Send
Download Image
585 Likes
ग़ुबार-ए-वक़्त
में
अब
किस
को
खो
रही
हूँ
मैं
ये
बारिशों
का
है
मौसम
कि
रो
रही
हूँ
मैं
Shahnaz Parveen Sahar
Send
Download Image
36 Likes
दिल
की
तमन्ना
थी
मस्ती
में
मंज़िल
से
भी
दूर
निकलते
अपना
भी
कोई
साथी
होता
हम
भी
बहकते
चलते
चलते
Majrooh Sultanpuri
Send
Download Image
34 Likes
निगाहें
फेर
ली
घबरा
के
मैंने
वो
तुम
से
ख़ूब-सूरत
लग
रही
थी
Fahmi Badayuni
Send
Download Image
122 Likes
Read More
उम्र
भर
इस
हुस्न
के
गुलज़ार
में
खोया
रहूँ
मैं
हमेशा
आपके
दीदार
में
खोया
रहूँ
Avtar Singh Jasser
Send
Download Image
2 Likes
मैं
तो
जस्सर
और
भी
रौशन
हुआ
जब
किसी
ने
भी
बुझाया
देर
तक
Avtar Singh Jasser
Send
Download Image
0 Likes
मुझे
उस
पे
तअज्जुब
हो
रहा
है
जुदा
हो
कर
वो
मुझ
सेे
रो
रहा
है
किसी
का
रफ़्ता-रफ़्ता
हो
रहा
है
मुझे
वो
रफ़्ता-रफ़्ता
खो
रहा
है
Read Full
Avtar Singh Jasser
Send
Download Image
0 Likes
मुझे
तुम
से
ज़रा
सी
भी
शिकायत
अब
नहीं
होगी
अगर
तुम
लौट
भी
आए
मुहब्बत
अब
नहीं
होगी
मुझे
बर्बाद
करने
को
है
तेरा
इश्क़
ही
काफ़ी
मुझे
ग़ैरों
की
नफ़रत
की
ज़रूरत
अब
नहीं
होगी
त'अल्लुक़
टूटने
से
गर
नहीं
तुम
को
गिला
"जस्सर"
इधर
से
भी
मुहब्बत
की
हिफ़ाज़त
अब
नहीं
होगी
Read Full
Avtar Singh Jasser
Download Image
1 Like
ख़ुद
तो
ख़ुद
में
कम
रहते
हैं
तुम
में
ज़्यादा
हम
रहते
हैं
थम
जाए
जब
प्यार
की
बारिश
याद
में
नयना
नम
रहते
हैं
दर्द
ए
दिल
धड़कन
से
पूछे
बाक़ी
कितने
दम
रहते
हैं
दिल
का
गुलशन
जब
से
उजड़ा
पतझड़
के
मौसम
रहते
हैं
थे
'जस्सर'
से
कभी
जो
रोशन
वो
चेहरे
मद्धम
रहते
हैं
Read Full
Avtar Singh Jasser
Download Image
0 Likes
Read More
Bahadur Shah Zafar
Vishal Bagh
Sarvat Husain
Shahzad Ahmad
Hafeez Banarasi
Unknown
Krishna Bihari Noor
Khalid Nadeem Shani
Shahid Zaki
Abbas Tabish
Get Shayari on your Whatsapp
Breakup Motivation Shayari
Raksha bandhan Shayari
Mehnat Shayari
Aarzoo Shayari
Gulaab Shayari