कल जहाँ मुझ सेे मिली थीं बेख़बर यादें तेरी

  - Avtar Singh Jasser
कलजहाँमुझसेेमिलीथींबेख़बरयादेंतेरी
लेचलीहैंआजफिरमुझकोउधरयादेंतेरी
साथतेरेख़त,तेरीतहरीरऔरतस्वीरके
मैंनेरख्खीहैंसजाकरताक़परयादेंतेरी
बिनबताएहीचलीजातीहैंमुझकोऔरफिर
बिनबताएगईघरलौटकरयादेंतेरी
साथलेकरअपनेमुझकोरात,दिन,शामसहर
ढूँढतीरहतीहैंतुझकोदर-ब-दरयादेंतेरी
चाहकरभीदूरख़ुदसेकरनहींसकताइन्हें
बनगईहैंहमनशींलख़्त-ए-जिगरयादेंतेरी
दूरहूँतुझसेेमगरमैंबेख़बरबिलकुलनहीं
मुझकोरखतीहैंहमेशाबा'ख़बरयादेंतेरी
बादतेरेज़िन्दगीआतीहै“जस्सर”यूँँनज़र
शहरइकतन्हाइयोंकाउसमेंघरयादेंतेरी|
  - Avtar Singh Jasser
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