bulan | बुलंदी देर तक उस शख़्स के हिस्से में रहती है

  - Avtar Singh Jasser
बुलंदीदेरतकउसशख़्सकेहिस्सेमेंरहतीहै
किजिसकीमाँदुआएँमाँगतीसजदेमेंरहतीहै
भलाक्यामोलदेसकताहूँमैंअनमोलममताका
मुझेदेकरनिवालामाँमेरीरोज़ेमेंरहतीहै
येअपनीमाँकेजैसाहैमुझेवोदेखकेबोले
मेरीमाँकीहसींसूरतमेरेचेहरेमेंरहतीहै
जहाँवा'दादियाथालौटआनेकामुझेतुमने
नज़रमेरीबिछीहरपलउसीरस्तेमेंरहतीहै
सभीगुलगुल-सिताँकेसाथहोतेहैंमगरफिरभी
खड़ीगुमसुमअकेलीइककलीगमलेमेंरहतीहै
यहाँतुमलौटकरआईनहींफिरसेकभीलेकिन
तुम्हारीयादइसघरकेहरइककमरेमेंरहतीहै
मुझेसाइलसमझनेकीजस्सरभूलतुमकरना
ज़मानेभरकीहरदौलतमेरेक़ासेमेंरहतीहै
  - Avtar Singh Jasser
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