ye kis maqaam pe thehre qadam tamasha hai | ये किस मक़ाम पे ठहरे क़दम तमाशा है

  - Aves Sayyad
येकिसमक़ामपेठहरेक़दमतमाशाहै
मेरेख़िलाफ़मेराजिस्म-ज़मतमाशाहै
तुम्हारेग़मनेदिवानाबनाकेरक्खाहै
तुम्हारीयादमेंफिरचश्म-ए-नमतमाशाहै
दिलोंमेंवहशतेंरहरहकेरक़्सकरतीहैं
दिलोंमेंक्यायेतमाशाभीकमतमाशाहै
बहुतसेरस्तेबहुतमंज़िलोंकेबादखुला
हसीनरस्तोंकीमंज़िलकाग़मतमाशाहै
हमारीसाँसमेंख़ुशबूतुम्हारीशामिलहै
हमारीधड़कनोंमेंदम-ब-दमतमाशाहै
ख़ुशीसेउसनेगलेलगकेयेकहा'सय्यद'
तुम्हारेबादतुम्हाराक़लमतमाशाहै
  - Aves Sayyad
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy