ik gumaan ye hum-sukhan yazdaan men hai | इक गुमाँ ये हम-सुख़न यज़दान में है

  - Aves Sayyad
इकगुमाँयेहम-सुख़नयज़दानमेंहै
बा-सितमकश्तीमेरीतूफ़ानमेंहै
रक़्सकरतायेमहकताथाउमरभर
अबधुआँबे-जानसालोबानमेंहै
सुनकेरिश्ते-दारोंसेउल्फ़तकेताने
कैसतन्हारेतकेग़लतानमेंहै
बैठकरदेखेज़मानेकेतमाशे
दिलहमाराअबकिसीज़िंदानमेंहै
येतमाशाभीयक़ीननहमकरेंगे
शोरकरकेहमकहेंचट्टानमेंहै
कटरहेआरामसेहैंहिज्रकेदिन
इकघड़ीअबभीमिरेसामानमेंहै
रक़्सकरताएकइंसाँसेमिलाहूँ
जोयहाँसेदूरइकमैदानमेंहै
क्याकहेंक्यूँहैंगुलाबीमेरीआँखें
जीसड़कजयपुरकिहीऔसानमेंहै
इसतबाहीकासबबवोपूछबैठे
अबतेरीसबबातसय्यदध्यानमेंहैं
  - Aves Sayyad
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