nazren to vo bachaata raha | नज़रें तो वो बचाता रहा

  - Atif khan
नज़रेंतोवोबचातारहा
सपनोमेंफिरभीआतारहा
वोमुझेबससतातारहा
मैंउसेबसमनातारहा
हालअपनाबतातारहा
औरउसकोहँसातारहा
जामसाक़ीपिलातारहा
औरग़ज़लेंमैंगातारहा
लोगोंनेजबमुझेपकड़ातो
मुझकोदोषीबतातारहा
चोरहैबोलकरख़ुदकहीं
वोखड़ामुस्कुरातारहा
फिरसज़ामुझकोहोनेलगी
औरवोदिलचुरातारहा
चाँदतोवोनहींथामगर
चाँदनीवोबिछातारहा
लिखतेलिखतेकहानीमिरी
हरकिसीकोसुनातारहा
शामहोतीरहीऔरवो
दूरआतिफ़सेजातारहा
  - Atif khan
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