chand lamhon ko sahi tha saath men rahna bahut | चंद लम्हों को सही था साथ में रहना बहुत

  - Ateeq Allahabadi
चंदलम्होंकोसहीथासाथमेंरहनाबहुत
एकबसतेरेहोनेसेहैसन्नाटाबहुत
ज़ब्तकासूरजभीआख़िरशामकोढलहीगया
ग़मकाबादलबनकेआँसूरातभरबरसाबहुत
दुश्मनोंकोकोईभीमौक़ामिलनेपाएगा
दोस्तोंनेहीमिरेबारेमेंहैलिक्खाबहुत
मैंखराउतरानहींतेरेतक़ाज़ेपरकभी
ज़िंदगीज़िंदगीतुझसेहूँशर्मिंदाबहुत
बसअनाकेबोझनेनज़रेंमिरीउठनेदीं
उसकीजानिबदेखनेकोजीमिराचाहाबहुत
मैंनेपूछायेबतामुझसेबिछड़नेकातुझे
कुछक़लक़होताहैक्याउसनेकहाथोड़ाबहुत
घरहमाराफूँककरकलइकपड़ोसी'अतीक़'
दोघड़ीतोहँसलियाफिरबादमेंरोयाबहुत
  - Ateeq Allahabadi
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