मोहब्बतकाहरभेदपानाभीहै
मगरअपनादामनबचानाभीहै
जोदिलतेरेग़मकानिशानाभीहै
क़तील-ए-जफ़ा-ए-ज़मानाभीहै
येबिजलीचमकतीहैक्यूँँदम-ब-दम
चमनमेंकोईआशियानाभीहै
ख़िरदकीइताअतज़रूरीसही
यहीतोजुनूँकाज़मानाभीहै
नदुनियानउक़्बाकहाँजाइए
कहींअहल-ए-दिलकाठिकानाभीहै
मुझेआजसाहिलपेरोनेभीदो
कितूफ़ानमेंमुस्कुरानाभीहै
ज़मानेसेआगेतोबढ़िए'मजाज़'
ज़मानेकोआगेबढ़ानाभीहै