hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Asrar Ul Haq Majaz
hum-nasheen dil ki haqeeqat kya kahooñ
hum-nasheen dil ki haqeeqat kya kahooñ | हम-नशीं दिल की हक़ीक़त क्या कहूँ
- Asrar Ul Haq Majaz
हम-नशीं
दिल
की
हक़ीक़त
क्या
कहूँ
सोज़
में
डूबा
हुआ
इक
साज़
है
हुस्न
को
नाहक़
पशेमाँ
कर
दिया
ऐ
जुनूँ
ये
भी
कोई
अंदाज़
है
हँस
दिए
वो
मेरे
रोने
पर
मगर
उन
के
हँस
देने
में
भी
इक
राज़
है
- Asrar Ul Haq Majaz
Download Ghazal Image
मुझको
ये
नज़र
आया
के
वो
एक
बला
है
कुछ
ख़्वाब
है
कुछ
अस्ल
है
कुछ
तर्ज
-ए-
अदा
है
वो
ग़ैर
की
आग़ोश
में
रहने
लगा
शादाँ
उसको
नहीं
मालूम
के
दिल
मेरा
जला
है
Read Full
Navneet krishna
Send
Download Image
4 Likes
वो
आँखें
बुझ
चुकी
होंगी
नज़ारा
हो
चुका
होगा
'अली'
वो
शख़्स
अब
दुनिया
को
प्यारा
हो
चुका
होगा
Ali Zaryoun
Send
Download Image
76 Likes
कोई
चेहरा
किसी
को
उम्र
भर
अच्छा
नहीं
लगता
हसीं
है
चाँद
भी,
शब
भर
मगर
अच्छा
नहीं
लगता
Munawwar Rana
Send
Download Image
45 Likes
एक
चेहरा
है
जो
आँखों
में
बसा
रहता
है
इक
तसव्वुर
है
जो
तन्हा
नहीं
होने
देता
Javed Naseemi
Send
Download Image
48 Likes
उस
के
फ़रोग़-ए-हुस्न
से
झमके
है
सब
में
नूर
शम-ए-हरम
हो
या
हो
दिया
सोमनात
का
Meer Taqi Meer
Send
Download Image
26 Likes
मैं
खोया
खोया
सा
तेरी
छत
की
जानिब
देख
रहा
हूँ
गीले
कपड़े
सूख
रहे
हैं,
सूखी
आँखें
भीग
रही
हैं
Harman Dinesh
Send
Download Image
40 Likes
मुझे
आँखें
दिखाकर
बोलती
है
चुप
रहो
भैया
बहिन
छोटी
भले
हो
बात
वो
अम्मा
सी
करती
है
Divy Kamaldhwaj
Send
Download Image
42 Likes
हुस्न
बला
का
क़ातिल
हो
पर
आख़िर
को
बेचारा
है
इश्क़
तो
वो
क़ातिल
जिसने
अपनों
को
भी
मारा
है
ये
धोखे
देता
आया
है
दिल
को
भी
दुनिया
को
भी
इसके
छल
ने
खार
किया
है
सहरा
में
लैला
को
भी
Read Full
Jaun Elia
Send
Download Image
128 Likes
जब
बुलंदी
का
गुमाँ
था
तो
नहीं
याद
आई
अपनी
परवाज़
से
टूटे
तो
ज़मीं
याद
आई
वही
आँखें
कि
जो
ईमान-शिकन
आँखें
हैं
उन्हीं
आँखों
की
हमें
दावत-ए-दीं
याद
आई
Read Full
Subhan Asad
Send
Download Image
22 Likes
तुम
तो
सर्दी
की
हसीं
धूप
का
चेहरा
हो
जिसे
देखते
रहते
हैं
दीवार
से
जाते
हुए
हम
Nomaan Shauque
Send
Download Image
40 Likes
Read More
ये
डाइन
है
भरी
गोदों
से
बच्चे
छीन
लेती
है
ये
ग़ैरत
छीन
लेती
है
हमिय्यत
छीन
लेती
है
ये
इंसानों
से
इंसानों
की
फ़ितरत
छीन
लेती
है
Read Full
Asrar Ul Haq Majaz
Download Image
2 Likes
इश्क़
का
ज़ौक़-ए-नज़ारा
मुफ़्त
में
बदनाम
है
हुस्न
ख़ुद
बे-ताब
है
जल्वा
दिखाने
के
लिए
Asrar Ul Haq Majaz
Send
Download Image
39 Likes
ये
क़त्ल-ए-आम
और
बे-इज़्न
क़त्ल-ए-आम
क्या
कहिए
ये
बिस्मिल
कैसे
बिस्मिल
हैं
जिन्हें
क़ातिल
नहीं
मिलता
वहाँ
कितनों
को
तख़्त
ओ
ताज
का
अरमाँ
है
क्या
कहिए
जहाँ
साइल
को
अक्सर
कासा-ए-साइल
नहीं
मिलता
Read Full
Asrar Ul Haq Majaz
Send
Download Image
19 Likes
बताऊँ
क्या
तुझे
ऐ
हम-नशीं
किस
से
मोहब्बत
है
मैं
जिस
दुनिया
में
रहता
हूँ
वो
इस
दुनिया
की
औरत
है
Asrar Ul Haq Majaz
Send
Download Image
55 Likes
फिर
किसी
के
सामने
चश्म-ए-तमन्ना
झुक
गई
शौक़
की
शोख़ी
में
रंग-ए-एहतराम
आ
ही
गया
Asrar Ul Haq Majaz
Send
Download Image
21 Likes
Read More
Bahadur Shah Zafar
Vishal Bagh
Sarvat Husain
Shahzad Ahmad
Hafeez Banarasi
Unknown
Krishna Bihari Noor
Khalid Nadeem Shani
Shahid Zaki
Abbas Tabish
Get Shayari on your Whatsapp
Wedding Shayari
Khushi Shayari
Religion Shayari
Khafa Shayari
Angdaai Shayari