vo sar-e-baam kab nahin aata | वो सर-ए-बाम कब नहीं आता

  - Arzoo Lakhnavi
वोसर-ए-बामकबनहींआता
जबमैंहोताहूँतबनहींआता
बहर-ए-तस्कींवोकबनहींआता
एतिबारआहअबनहींआता
चुपहैशिकवोंकीएकबंदकिताब
उससेकहनेकाढबनहींआता
उनकेआगेभीदिलकोचैननहीं
बे-अदबकोअदबनहींआता
ज़ख़्मसेकमनहींहैउसकीहँसी
जिसकोरोनाभीअबनहींआता
मुँहकोजाताहैजिगरग़मसे
औरगिलाता-ब-लबनहींआता
भोलीबातोंपेतेरीदिलकोयक़ीं
पहलेआताथाअबनहींआता
दुखवोदेताहैउसपेहैयेहाल
लेनेजाताहूँजबनहींआता
'आरज़ू'बे-असरमोहब्बतछोड़
क्यूँँकरेकामजबनहींआता
  - Arzoo Lakhnavi
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