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Aryan Mishra
bahut pathra gaya hooñ main
bahut pathra gaya hooñ main | बहुत पथरा गया हूँ मैं
- Aryan Mishra
बहुत
पथरा
गया
हूँ
मैं
समझ
गर
आ
गया
हूँ
मैं
जहाँ
तुम
याद
करती
थी
वहीं
भूला
गया
हूँ
मैं
ये
तोहमत
की
दरारें
हैं
बहुत
जोड़ा
गया
हूँ
मैं
मेरी
साँसें
नहीं
रुकतीं
तभी
उकता
गया
हूँ
मैं
सही
बातें
नहीं
हैं
ये
ग़लत
परखा
गया
हूँ
मैं
- Aryan Mishra
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तेरे
एहसास
को
ख़ुशबू
बनाते
जो
बस
चलता
तुझे
उर्दू
बनाते
यक़ीनन
इस
से
तो
बेहतर
ही
होती
वो
इक
दुनिया
जो
मैं
और
तू
बनाते
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Saurabh Sharma 'sadaf'
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हमें
हर
वक़्त
ये
एहसास
दामन-गीर
रहता
है
पड़े
हैं
ढेर
सारे
काम
और
मोहलत
ज़रा
सी
है
Khurshid Talab
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रोज़
मिलने
पे
भी
लगता
था
कि
जुग
बीत
गए
इश्क़
में
वक़्त
का
एहसास
नहीं
रहता
है
Ahmad Mushtaq
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ख़ाक
आएँगे
हम
किसी
को
समझ
ख़ुद
को
हम
ख़ुद
समझ
नहीं
आते
Shajar Abbas
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इसी
लिए
हमें
एहसास-ए-जुर्म
है
शायद
अभी
हमारी
मोहब्बत
नई
नई
है
ना
Afzal Khan
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दर्द
में
शिद्दत-ए-एहसास
नहीं
थी
पहले
ज़िंदगी
राम
का
बन-बास
नहीं
थी
पहले
Shakeel Azmi
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जिस्म
के
पार
जाना
पड़ा
था
कभी
इश्क़
कर
के
हुई
बंदगी
की
समझ
Neeraj Neer
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लोग
औरत
को
फ़क़त
जिस्म
समझ
लेते
हैं
रुह
भी
होती
है
उस
में
ये
कहाँ
सोचते
हैं
Sahir Ludhianvi
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फ़िक्र-ए-ईजाद
में
गुम
हूँ
मुझे
ग़ाफ़िल
न
समझ
अपने
अंदाज़
पर
ईजाद
करूँँगा
तुझ
को
Jaun Elia
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वो
मुझको
जिस
तरह
से
दुआएँ
था
दे
रहा
मैं
तो
समझ
गया
ये
क़यामत
की
रात
हैं
AMAN RAJ SINHA
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मैं
अच्छा
दोस्त
बन
जाता
हूँ
मेरे
यार
के
ख़ातिर
मैं
अपना
प्यार
तज
देता
हूँ
अपने
प्यार
के
ख़ातिर
कभी
वो
कुछ
नहीं
करता
कलाई
खींच
लेता
है
कभी
वो
सब
लुटा
देता
है
इक
दीदार
के
ख़ातिर
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Aryan Mishra
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हाथों
में
तू
हाथ
दिया
कर
मेरा
भी
कुछ
बात
किया
कर
कितनी
बार
कहा
है
तुझ
सेे
जेब
नहीं
तू
ज़ख़्म
सिया
कर
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Aryan Mishra
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अभी
तुम
भला
कुछ
कहाँ
जानते
हो
बताओ
भला
तुम
बुरा
जानते
हो
Aryan Mishra
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मुझे
सच
में
झूठों
से
बहला
रहा
है
समुंदर
में
नदियों
से
नहला
रहा
है
हैं
नासूर
सारे
तेरे
ही
तो
मुझ
में
ख़ता
जानकर
भी
तू
सहला
रहा
है
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Aryan Mishra
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तुम
बिल्कुल
नादान
रहोगे
मतलब
के
इंसान
रहोगे
झूठ
मिरा
या
फिर
सच्चाई
तुम
सब
सेे
अंजान
रहोगे
जिसके
आँसू
बन
जाओगे
तुम
उसकी
मुस्कान
रहोगे
महफ़िल
में
खुलकर
बरसोगे
पर
ख़ुद
में
वीरान
रहोगे
जान
रहोगे
उसके
दिल
की
फिर
भी
तुम
बे-जान
रहोगे
कब
तक
आँखों
में
रहना
है
कब
तक
तुम
अरमान
रहोगे
वही
तुम्हें
ख़ाली
कर
देगा
जिस
पर
तुम
क़ुर्बान
रहोगे
तुम
कमरे
भर
के
साथी
हो
घर
में
तुम
मेहमान
रहोगे
तुम
जिसके
जो
भी
लग
जाओ
तुम
तो
मेरी
जान
रहोगे
दया
अगर
यश
पर
करते
हो
तुम
उसका
नुक़सान
रहोगे
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Aryan Mishra
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