hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
A R Sahil "Aleeg"
shaa
shaa | शादी की उस ने ग़ैर से ससुराल जा बसी
- A R Sahil "Aleeg"
शादी
की
उस
ने
ग़ैर
से
ससुराल
जा
बसी
कह
तू
भी
अलविदा'
गज़ाला
के
शहर
को
- A R Sahil "Aleeg"
Download Sher Image
किस
ने
हमारे
शहर
पे
मारी
है
रौशनी
हर
इक
मकाँ
के
ज़ख़्म
से
जारी
है
रौशनी
Nomaan Shauque
Send
Download Image
28 Likes
पत्थर
के
ख़ुदा
पत्थर
के
सनम
पत्थर
के
ही
इंसाँ
पाए
हैं
तुम
शहर-ए-मोहब्बत
कहते
हो
हम
जान
बचा
कर
आए
हैं
Sudarshan Fakir
Send
Download Image
44 Likes
अब
के
सावन
में
शरारत
ये
मिरे
साथ
हुई
मेरा
घर
छोड़
के
कुल
शहर
में
बरसात
हुई
Gopaldas Neeraj
Send
Download Image
47 Likes
'अंजुम'
तुम्हारा
शहर
जिधर
है
उसी
तरफ़
इक
रेल
जा
रही
थी
कि
तुम
याद
आ
गए
Anjum Rehbar
Send
Download Image
25 Likes
ये
शहर
वो
है
कि
कोई
ख़ुशी
तो
क्या
देता
किसी
ने
दिल
भी
दुखाया
नहीं
बहुत
दिन
से
Farhat Ehsaas
Send
Download Image
26 Likes
तुम्हारे
शहर
में
तोहमत
है
ज़िंदा
रहना
भी
जिन्हें
अज़ीज़
थीं
जानें
वो
मरते
जाते
हैं
Abbas Tabish
Send
Download Image
40 Likes
सदियों
से
किनारे
पे
खड़ा
सूख
रहा
है
इस
शहर
को
दरिया
में
गिरा
देना
चाहिए
Mohammad Alvi
Send
Download Image
23 Likes
देखें
क़रीब
से
भी
तो
अच्छा
दिखाई
दे
इक
आदमी
तो
शहर
में
ऐसा
दिखाई
दे
Zafar Gorakhpuri
Send
Download Image
37 Likes
उसके
कहने
पे
जलाई
गई
सारी
बस्ती
तेरा
कहना
है
कि
सुलतान
बड़ा
अच्छा
है
Monis faraz
Send
Download Image
23 Likes
तुम
मुहब्बत
से
नहीं
मुझ
सेे
ख़फ़ा
हो
शायद
तुम
अगर
चाहो
तो
पिंजरा
भी
बदल
सकते
हो
मुंतज़िर
हूँ
मैं
सो
नंबर
भी
नहीं
बदलूँगा
और
तुम
शहर
का
नक़्शा
भी
बदल
सकते
हो
Read Full
Vikram Sharma
Send
Download Image
50 Likes
Read More
इश्क़
का
खींच
रहा
हूँ
ऐसा
ख़ाका
मैं
जिस
में
भीड़
हूँ
मैं
ही
और
तमाशा
मैं
A R Sahil "Aleeg"
Send
Download Image
1 Like
हीर
लैला
या
हो
शीरीं
सब
हसीनों
की
वफ़ाएँ
देख
ली
इश्क़
की
दुनिया
में
आशिक़
सच्चे
जी
सकते
नहीं
इक
पल
को
भी
A R Sahil "Aleeg"
Send
Download Image
0 Likes
इश्क़
इकलौती
वो
मज़हब
है
जिसके
उम्मती
यहाँ
बे-वफ़ा
की
भी
इबादत
करते
है
ता-दम-ए-पसीं
A R Sahil "Aleeg"
Send
Download Image
3 Likes
इश्क़
क्या
है
मुझे
नहीं
मालूम
मेरे
नज़दीक
इश्क़
मतलब
तुम
A R Sahil "Aleeg"
Send
Download Image
1 Like
तीन
चौथाई
ज़मीं
ये
है
घिरी
पानी
से
लेकिन
चुल
मची
है
सब
को
फिर
भी
प्यार
में
ही
डूबने
की
A R Sahil "Aleeg"
Send
Download Image
2 Likes
Read More
Bahadur Shah Zafar
Vishal Bagh
Sarvat Husain
Shahzad Ahmad
Hafeez Banarasi
Unknown
Krishna Bihari Noor
Khalid Nadeem Shani
Shahid Zaki
Abbas Tabish
Get Shayari on your Whatsapp
Raqeeb Shayari
Pandemic Shayari
Political Shayari
Aawargi Shayari
Teer Shayari