hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
A R Sahil "Aleeg"
ishq ki intiha hi to hai ye
ishq ki intiha hi to hai ye | इश्क़ की इंतिहा ही तो है ये
- A R Sahil "Aleeg"
इश्क़
की
इंतिहा
ही
तो
है
ये
चाय
पिलवा
रहा
हूँ
क़ातिल
को
- A R Sahil "Aleeg"
Download Sher Image
चाय
पीते
हैं
कहीं
बैठ
के
दोनों
भाई
जा
चुकी
है
ना
तो
बस
छोड़
चल
आ
जाने
दे
Ali Zaryoun
Send
Download Image
119 Likes
हर
सुब्ह
उठ
के
इसको
मैं
हूँ
चूमता
चाय
है
जैसे
ये
कोई
सौतन
तेरी
RAJAT AWASTHI
Send
Download Image
5 Likes
आज
उसके
गाल
चू
में
हैं
तो
अंदाज़ा
हुआ
चाय
अच्छी
है
मगर
थोड़ा
सा
मीठा
तेज़
है
Read Full
Tehzeeb Hafi
Send
Download Image
129 Likes
हम
इक
ही
लौ
में
जलाते
रहे
ग़ज़ल
अपनी
नई
हवा
से
बचाते
रहे
ग़ज़ल
अपनी
दरअस्ल
उसको
फ़क़त
चाय
ख़त्म
करनी
थी
हम
उसके
कप
को
सुनाते
रहे
ग़ज़ल
अपनी
Read Full
Zubair Ali Tabish
Send
Download Image
66 Likes
एक
मुझे
ख़्वाब
देखने
के
सिवा
चाय
पीने
की
गंदी
आदत
है
Balmohan Pandey
Send
Download Image
70 Likes
सोचता
हूँ
वक़्त
की
तस्वीर
जब
मुझ
सेे
बनेगी
तो
भला
उसकी
कलाई
पर
घड़ी
कैसी
लगेगी
चाय
उस
से
पूछ
तो
सकता
हूँ
मैं
भी
दोस्त,लेकिन
सोचता
हूँ
कौन
सा
वो
कहने
भर
से
चल
पड़ेगी
Read Full
Abhishar Geeta Shukla
Send
Download Image
32 Likes
बस
एक
रस्म-ए-तअल्लुक़
निभाने
बैठे
हैं
वगरना
दोनों
के
कप
में
ज़रा
भी
चाय
नहीं
Waseem Nadir
Send
Download Image
36 Likes
नाज़-ओ-नख़रे
क्या
उठाए,
क्या
सुने
उस
के
गिले
देखते
ही
देखते
लड़की
घमंडी
हो
गई
देखते
रहने
में
उस
को
और
क्या
होता,
मगर
जो
थी
जान-ए-आरज़ू,
वो
चाय
ठंडी
हो
गई
Read Full
Kazim Rizvi
Send
Download Image
9 Likes
ज़िक्र
तुम्हारा
बहुत
ज़रूरी
इन
ग़ज़लों
में
जानेमन
चाय
बिना
अदरक
को
डाले
अच्छी
थोड़ी
बनती
है
Tanoj Dadhich
Send
Download Image
59 Likes
सिगरटें
चाय
धुआँ
रात
गए
तक
बहसें
और
कोई
फूल
सा
आँचल
कहीं
नम
होता
है
Wali Aasi
Send
Download Image
32 Likes
Read More
हुआ
है
हाल
मेरा
मुद्दतों
के
बाद
ये
'साहिल'
गुज़रने
को
है
चौथा
दिन,
नहीं
नैनों
में
है
निद्रा
A R Sahil "Aleeg"
Send
Download Image
1 Like
तुझ
से
मिलने
की
तमन्ना
तो
नहीं
लेकिन
करूँँ
क्या
घर
के
रस्ते
में
मुज़फ़्फ़रपुर
भी
आ
जाता
है
यारों
A R Sahil "Aleeg"
Send
Download Image
1 Like
यूँँ
न
होंठों
में
दबा
ली
जाएगी
बात
निकलेगी,
निकाली
जाएगी
आ
गया
है
वस्ल
को
महबूब
भी
अब
कसर
सारी
निकाली
जाएगी
ये
ख़ुदा
का
हुक्म
है
सबके
लिए
मौत
आई
तो,
न
टाली
जाएगी
हम
सँभालेंगे
चमन
का
अब
निज़ाम
रुख़
से
फूलों
के
न
लाली
जाएगी
बाद
मरने
के
मेरे,
होगा
यही
तीन
मुट्ठी
ख़ाक
डाली
जाएगी
आईने
पर
ज़ोर
चलना
है
मुहाल
आँख
बस
हम
पर
निकाली
जाएगी
हाँ,
मगर
हम
बे-वफ़ा
होंगे
नहीं
बात
गर
बिगड़ी
बना
ली
जाएगी
अब
के
भी
मसरूफ़
होंगे
सब
अज़ीज़
अब
के
भी
ये
ईद
ख़ाली
जाएगी
दोष
लहरों
को
न
देगा
एक
वो
हर
कमी
साहिल
पे
डाली
जाएगी
Read Full
A R Sahil "Aleeg"
Download Image
2 Likes
इश्क़
और
तुम
से
हो
न
पायेगा
है
फ़क़त
मौत
महर
-ए-
इश्क़
यहाँ
A R Sahil "Aleeg"
Send
Download Image
1 Like
इश्क़
में
मरता
कभी
कोई
नहीं
है
मौत
होती
है
फ़क़त
वादे
वफ़ा
की
A R Sahil "Aleeg"
Send
Download Image
1 Like
Read More
Bahadur Shah Zafar
Vishal Bagh
Sarvat Husain
Shahzad Ahmad
Hafeez Banarasi
Unknown
Krishna Bihari Noor
Khalid Nadeem Shani
Shahid Zaki
Abbas Tabish
Get Shayari on your Whatsapp
Lab Shayari
Bachpan Shayari
Waqt Shayari
Good morning Shayari
Ilm Shayari